अपरिचित

मोरनींग वोक लेते हए

अपरिचित चहेरे अब
परिचित लगने लगे है

मुस्कान की लेन देन
प्रारंभ होने लगी है

हर एक श्वास मनमें
आत्मविश्वास भर देता है

हर एक उच्छश्वास
ह्रदय को निर्मल बनाने लगा है

प्राकृतिक करुणा और प्रेम
का एहसास होने लगा है

मेरे चहेरे को छू कर
चलती थंडी हवाका
जिवन संदेश अब
समझ पा रहा हु

कोई जो है मुझसे
बेहद प्यार करने वाला
आश्चर्य देने वाला
इम्तहान लेने वाला
रूलाके आंसु पोछने वाला
हंसाके आंसु लाने वाला

न जाने क्या क्या करने वाला
दिनभर मेरा साथ एसे ही
निभाने लगा है

अपरिचित चहेरे अब
परिचित लगने लगे है

अच्छा लगता है ।

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About અખિલ સુતરીઆ

મારા વિશે મારે કંઇક કહેવાનું હોય તો, .... થોડુ વિચારવું પડે. મને મારી ઓળખ કરાવે .... એવા એક જ્ણની તલાશમાં છું.
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